रविवार, 3 जुलाई 2016

चुहुल - ७८

(१)
एक व्यक्ति को जब शराब पीने के जुर्म में जज साहब ने एक महीने की जेल की सजा सुनाई तो दया मांगने के भाव में वह बोल उठा, “जज साहब, मैंने शराब नहीं पी रखी थी...  मैं तो बस पीने जा रहा था.”
जज साहब बोले “तब ठीक है, मैं तुम्हारी सजा कम करके ३० दिन कर देता हूँ.”

(२)
(स्थान: हरियाणा का एक गाँव)
ताऊ बोल्यो, “अरी ओ भागवान, दरवज्जे पर एक कुत्ता आया सै, रोट्टी ले आ.”
ताई बोली, "रोट्टी तो कोई ना बची सै."
ताऊ बोल्यो, "तब तो तू म्हारो लट्ठ ले आ. इसे खाली नी जाणे देणा है."

(३)
एक पुलिसवाले को एक लड़के के थैले में कुछ संदिग्ध सामान होने का संदेह हुआ. उसने लड़के को रोक कर पूछा, “थैले में क्या है?”
लड़का बड़ी संजीदगी से बोला, “बताते हैं.”
सिपाही ने जोर देकर बोला, “जल्दी बता?”
लड़के ने उसी लहजे में फिर कहा, “कहा ना, बताते हैं.”
पुलिसवाला उसका मुंह देखता रहा, जब वह आगे कुछ नहीं बोला तो गुस्से में आ गया; इतने में उस लड़के का साथी दौड़कर आया और बोला, “ये तुतलाता है. इसके थैले में बताशे हैं.”

(४)
एक ग्रामीण परिवेश की महिला अपने छोटे बच्चे के साथ रेल में सफ़र कर रही थी. बच्चे ने अपना पायजामा गीला कर दिया तो वह उसे बदलने लगी. सामने की सीट पर बैठी शहरी परिवेश वाली महिला बोल उठी, “हगीज नहीं है क्या?”
बच्चे की माँ बोली, “नहीं, बहन जी, हगीज नहीं मुतीज है.”

(५)
एक महिला अपने घरेलू नौकर को हर वक्त डांटा करती थी. कभी कभी तो बेवजह भी. एक बार जब वह जोर जोर से डांट रही थी तो उसके पति ने पूछ लिया, “अब क्या कर दिया जो इतना चिल्ला रही हो?”
महिला शिकायत भरे अंदाज में बोली, “ये आजकल बहुत बेवकूफी करने लगा है. मैंने इसको दो अंडे लाकर दिए थे कि एक को बॉईल करके और दूसरे का ऑमलेट बना लाये, लेकिन ये उलटा करके लाया. जिस अंडे का ऑमलेट बनाना था, उसे बॉईल कर लाया, और जिसको बॉईल करना था, उसका ऑमलेट बना लाया है.”
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