शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

पैगाम

हम देश के सरपरस्त हैं, ये दुनिया को बता दो,
जन-जन  को  हमारा  ये  पैगाम  सुना   दो.

     हमने आलीशान इमारतें बनवा दी,
     उन सब  में  बिजली लगवा  दी,
     ए.सी., पंखे व रंगीन टी.वी. लगवा दी,
     फ्रिज, अवन, गैस-लाइन फिट करा दी.
अब भी अगर कोई झोपड़ी में रहता है,
सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं करता है,
तेल जलाता है या अँधेरे में पड़ा रहता है,
तो उस बेईमान को बाहर खींच लो,
जेल भेज दो और झोपड़ी में आग लगा दो.
     हम देश के सरपरस्त हैं ये दुनिया को बता दो,
     जन-जन  को  हमारा  ये  पैगाम  सुना  दो.

आजादी से पहले लोग कपड़े को रोते थे,
हमने नायलोन-टेरिलीन के ढेर लगा दिये.
अब भी अगर कोई नंगा रहता है
फटे-पुराने कपड़े पहनता है
तो वह देश का दुश्मन है.
उसे सूली पर चढ़ा दो,
या गोली से उड़ा दो.
     हम देश के सरपरस्त हैं ये दुनिया को बता दो,
     जन-जन  को  हमारा  ये  पैगाम   सुना  दो.

पिछले साल जो फसल आई थी,
वह हमने अभी तक नहीं खाई है.
स्टाक इतना कि रखने को जगह नहीं बन पाई है.
कुछ बारिश में भीगी, कुछ जानवरों ने खाई है.
फिर भी अगर कोई भूखा-भिखारी नजर आया है,
तो वह जरूर विदेशी एजेंट है.
इस देश को बदनाम करना चाहता है.
उसे फाँसी पर लटका दो, नामोनिशान मिटा दो.
     हम देश के सरपरस्त हैं दुनिया को बता दो
     जन-जन  को हमारा ये पैगाम  सुना  दो.

चढ़ने के लिए लिफ्ट, चलने के लिए कारें मगवा दी
कीमत चुकाने को किस्तें करा दी
अगर अभी भी कोई पैदल चलता हो
तो वह जरूर चोर है
उसके पैर कटा दो,
मोहताज बना दो.
     हम देश के सरपरास्त हैं ये दुनिया को बता दो.
     जन-जन  को  हमारा  ये  पैगाम  सुना  दो.

हर जिले में मेडिकल कॉलेज बना दिये
कई तरह के डाक्टर लगा दिये
यूरोप में जो दवा दस पैसे में बिकती है
वह जरूर यहाँ दस रूपये में मिलती है
ये क्या कम है कि हमने मुहय्या करा दी है.
     अब भी अगर कोई मरता है
     तो उसने जरूर खुदकुशी की होगी
     पुलिस को खबर करा दो
     पूरे परिवार को फंसा दो.
हम देश के सरपरस्त हैं दुनिया को बता दो
जन-जन  को  हमारा ये  पैगाम  सुना  दो.

     गाँव-ढाणी में स्कूल-कॉलेज बना दिये
     पाँव-सेर-छटांक, चवन्नी हटा दी
     सरल सिस्टम मैट्रिक करा दिये
     अगर अभी भी कोई नहीं पढ़ पाए
     तो वह जरूर नेता बनेगा
     उसे टोपी पहना दो
     उसके नाम के नारे लगा दो.
हम देश के सरपरस्त हैं दुनिया को बता दो
जन-जन  तक हमारा ये पैगाम  सुना  दो.

     इस देश में औरतें सरताज बन गयी हैं
     मर्द पीछे और वे आगे हो गयी हैं
     या यों कह दें कि वे सरकार हो गयी हैं.
अब भी अगर दहेज की मांग होती हो
अब भी अगर बहुएं जलाई जाती हों 
तो इन मर्दों को किन्नर बना दो
गले में ढोलक, हाथों में मजीरा पकड़ा दो.
      हम इस देश के सरपरस्त हैं दुनिया को बता दो
      जन-जन  को  हमारा  ये पैगाम सुना दो.
                       ***

8 टिप्‍पणियां:

  1. पूरा 'ताना बाना' ही प्रस्तुत कर दिया , अद्भुत व्यंग.

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    आपकी इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 13-02-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर भी होगी। सूचनार्थ

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  3. मित्रो,
    जब मैन आपके द्वारा की गयी टिप्पणियों को पढ़ता हूँ तो बहुत अच्छा लगता है. आजकल लोग दूसरों की लिखी रचनाओं को पढ़ने की जहमत कम ही उठाते है. मैन चाहता हूँकि आप मेरी कमियां भी निकालते रहिये. धन्यवाद.

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  4. सीधी/सपाट/सार्थक रचना.....
    हार्दिक बधाई...

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