शुक्रवार, 12 दिसंबर 2014

चुहुल - ६९

(१)
एक चटोरे मास्टर जी ने बच्चे का पूरा टिफिन खा लिया और आँख दिखाते हुए बच्चे से बोले, “घर जाकर मत कह देना कि मास्टर जी ने खाया था.”
सहमा हुआ बच्चा बोला, “नहीं बोलूंगा.”
मास्टर जी ने बात पक्की करने के लिए पूछ ही लिया, “तो क्या कहेगा? किसने खाया?”
बच्चा बोला, “मैं कह दूंगा कि कुत्ता खा गया.”

(२)
एक महिला ब्यूटी पार्लर से लौट कर घर आई. पति का ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ इठलाती सी, शर्माती सी उसके सामने आई, पर वह बेपरवाह होकर कुछ बोला ही नहीं. अत: महिला को मुस्कुराते हुए खुद पूछना ही पड़ा, “कैसी लग रही हूँ?”
पति उसकी तरफ गौर से देखने के बाद बोला, “क्या आज भी पार्लर बंद मिला?”

(३)
एक स्मार्ट दादा जी अपने छोटे पोते को पास बिठा कर, उसे अपनी जवानी के तारीफी किस्से सुना कर, खुश हुए जा रहे थे. तभी बीच में टोक कर पोता बोला, “वो सब तो आपने बहुत अच्छे अच्छे काम किये हैं, लेकिन एक काम जरूर गलत किया.”
दादा ने पूछा, “तुझे कौन सा काम गलत लगता है?”
पोता बोला, “बुढ़िया के साथ शादी की! हा...  हा...  हा...”

(४)
सुबह सुबह वह कॉलेज को निकला. मोहल्ले की लड़की रास्ते में मिल गयी. फ्लर्ट करने के इरादे से उससे बोला, “हाय, बढ़िया मेकअप, परफ्यूम की गजब महक, खूबसूरत हेयर स्टाईल, कपड़ों की बेहतरीन चॉइस...” 
लड़की बीच में ही बोल पड़ी, “थैंक यूं, भैया!”
लड़का टोन बदल कर मुंह बिगाड़कर बोला, “ये सब होते हुए भी राखी सावंत लग रही हो.”

(५)
एक कंजूस आदमी की बेटी शादी लायक थी. एक कन्यार्थी मेहमान आया तो फ़ौरन सत्कार के लिए उसके सामने काजू-किशमिश-बादाम-पिस्ता  वाला डिब्बा रखा गया. मेहमान बातें करते हुए कुछ काजू-किशमिश खाता रहा और फिर रुक गया. स्वागतकर्ता  घर के मालिक, ने अनुरोध भरे स्वर में कहा, "अरे, आप रुक क्यों गए, और काजू लीजिये ना.”
इस पर मेहमान बोला, “तीन-चार खा चुका हूँ. ज्यादा खाना ठीक नहीं होगा.”
मेहमाननवाज बोला, “खाने को तो आपने 9 काजू, 6 बादाम और 10 किशमिश खा लिए हैं, पर यहाँ कौन गिन रहा है, आप खाते रहिये, अपना ही घर समझिए.”
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