शनिवार, 10 मार्च 2012

पापा के नाम

पापा, आप कहाँ हो? मैं आपको बहुत मिस करता हूँ. मेरे एक्जाम ख़त्म हो गए हैं और मैं हॉस्टल से घर आ गया हूँ. अकेला हूँ, बोर होता हूँ. मम्मी तो अपने ऑफिस चली जाती हैं, लेकिन मैं कहाँ जाऊ? मेरा मन किताबों में बिलकुल नहीं लगता है. मुझे अब कार्टून फिल्म देखना भी अच्छा नहीं लगता है.

पापा, आपका झगड़ा मम्मी से है पर मैं तो आपका प्यारा बिट्टू हूँ. मेरे हैप्पी बर्थ डे पर भी आपने इस बार कोई विश नहीं भेजी. दिवाली पर भी आप नहीं मिले और अब होली भी चली गयी है. इस बार तो मैंने होली पर रंग भी नहीं खेला. पिछले साल आपने जो रंग वाली गन दिलाई थी, वह वैसे ही पड़ी है. मैंने हाथ तक नहीं लगाया. मेरे सब दोस्त बहुत मजे से होली खेल रहे थे, लेकिन मैं तो अकेले में आपको याद करके मायूस होकर बंद कमरे में बैठा रहा. आपने मुझसे वायदा किया था कि आप मुझे इस साल पास होने पर एक गियर वाली साइकिल ले देंगे, पर अब मुझे कुछ नहीं चाहिए. मुझे केवल आप ही चाहिए.

जब से मैं हॉस्टल से घर आया हूँ, यहाँ सब तरफ उजाड़ सा लग रहा है. उदासी छाई है. गमलों के सभी पौधे सूख गए हैं, घर की बाहरी दीवारें मैली और भद्दी लग रही हैं. आपके बिना सब सूना सूना लग रहा है.

मुझे लगता है कि मम्मी भी बहुत परेशान रहती है. वह भी मुझे बहुत प्यार करती है, पर अब मुझे ना जाने उनके व्यवहार में बदलाव जैसा लगने लगा है. वह चिड़चिड़ी हो गयी है. रातों में अक्सर जागती रहती है.

पापा आप जल्दी घर आ जाओ और मम्मी को माफ कर दो. मैं मम्मी को भी कहूँगा कि आपको माफ कर दे. पापा, गलती किसी से भी हो सकती है. अगर आप दोनों ऐसे ही दूर दूर रहेंगे तो मैं किसके सहारे बड़ा होउंगा? मेरे सारे दोस्त अपने मम्मी-पापा की निकटता पाते हैं, कितना अच्छा होता हम भी एक साथ रहते, हँसते, खाते और मजे से घूमते? पापा, मैं आपकी गोद में बैठना चाहता हूँ. मुझे आपकी पप्पी चाहिए.

सब लोग बातें करते हैं कि आपका और मम्मी का तलाक हो गया है. ये तलाक क्या होता है? इसको तोड़ा भी तो जा सकता है? अगर आपने तलाक लेना ही था तो मुझे पैदा ही क्यों किया? मैं इस हालत में ज़िंदा रह कर क्या करूँगा? मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा है. आपके अलावा मेरे मन की बात समझने वाला दूसरा कोई नहीं है. इसलिए आप आ जाओ. देखो आपका बिटटू कितना बेबस और बेजार है?

पापा आप आकर मुझे उस जज के पास जरूर ले जाना जो घर में तलाक कराता है. तलाक होने पर उसके अपने बच्चे भी तो मेरी तरह परेशान होएँगे, मैं उसको ये बताऊंगा. मैं बड़ा होकर जरूर तलाक की अदालत को हटा दूंगा.

अब आप देर मत करना. मेरा ये पत्र पाते ही दौड़ कर आ जाना और मुझे गले लगा लेना. आपसे ढेर सारी बातें भी मुझे करनी हैं.

आपका प्यारा बेटा,
बिट्टू
                                      ***

5 टिप्‍पणियां:

  1. ओह मासूम बच्चे के दिल का मार्मिक चित्रण ।

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  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  3. @अगर आपने तलाक लेना ही था तो मुझे पैदा क्यों किया ?

    मार्मिक कहानी।

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  4. प्रश्न उठाती हृदयस्पर्शी कहानी...

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