रविवार, 1 जनवरी 2012

शुभाकांक्षा


चलो एक वर्ष और चल बसा. इसने कई कर्ज और फर्ज नवजात के लिए छोड़े हैं. हम सब का कर्तव्य है कि इस बच्चे को सही मार्गदर्शन कराएं.

ये शोक मनाने और एक दूसरे को दोषारोपण करने का समय नहीं है. तमाम पूर्वाग्रहों को छोड़ कर अपनी स्लेट को साफ़ करके प्यार भरी इबारत लिखी जाएँ. ईमानदारी से नए संकल्प किये जाएँ. इसमें अबेर न की जाये क्योंकि इसकी उम्र केवल ३६६ दिन है. इसको सफलता व सिद्धि का आशीर्वाद तभी फलित होगा जब हम सब सर्वजनहिताय की सोच रखें, केवल परम्परागत रूप से शुभकामनायें कह कर या लिख कर इतिश्री ना हो.
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2 टिप्‍पणियां:

  1. अभी संकल्प ले रहे हैं, भूल जांय तो माफ कीजिएगा:)
    कृपया मेरी भी शुभकामनाएं स्वीकार कीजिएगा:)

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  2. नव वर्ष पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनायें।

    -समीर लाल

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