बुधवार, 30 अक्तूबर 2013

चुहुल - ६१

(१)
एक व्यक्ति अपनी थुलथुल बदसूरत पत्नी के साथ सड़क पर घूमने निकला. रास्ते में काला चश्मा पहने एक फ़कीर मिला. उसने सलाम करने के बाद मैडम की तरफ मुखातिब होकर कहा, “ऐ हुस्न की मलिका, दस रूपये देती जाओ.”
पति ने उसे गौर से देखा फिर पत्नी से बोला, “दे दो, बेचारा सचमुच अन्धा है.”

(२)
एक मसखरा चरवाहा दो गायों को चरा रहा था. एक गाय सफ़ेद थी और दूसरी काली. एक राहगीर ने उससे पूछा, “तुम्हारी गाय कितना दूध देती है?”
चरवाहा: आप किस गाय के बारे में पूछ रहे हैं-- सफ़ेद या काली?
राहगीर: सफ़ेद गाय के बारे में.
चरवाहा: दो किलो.
राहगीर: और ये काली कितना दूध देती है?
चरवाहा: ये भी दो किलो दूध देती है.
राहगीर: जब दोनों ही दो दो किलो दूध देती हैं, तो अलग अलग क्यों बता रहा है?
चरवाहा: दरअसल, ये सफ़ेद गाय मेरी है.
राहगीर: और काली वाली किसकी है?
चरवाहा: काली भी मेरी है.

(३)
ऑफिस में एक कर्मचारी से कुछ ना कुछ गलती होती रहती थी. उसका बॉस अकसर उससे चिढ़ कर बात करता था. आज फिर गलती हुई तो उसे बुलाकर बॉस गुस्से में बोला, “तुमने कभी उल्लू देखा है?”
कर्मचारी कुछ नहीं बोला. सर झुकाकर खड़ा रहा. इस पर बॉस फिर बोला, “बेवकूफ नीचे क्या देख रहा है, इधर मेरी तरफ देख.”

(४)
एक पत्रकार महंगाई के बारे में लोगों की राय पूछ रहा था. सड़क के किनारे खड़े एक भिखारी बाबा से भी उसने पूछ लिया, “बाबा आटा महँगा हो गया है, इस बारे में तुम क्या कहते हो.”
बाबा ने उत्सुकता से पूछा, “कब से हुआ आटा महँगा?”
जब उसको बताया गया कि पिछले तीन महीनों में आटे का भाव दोगुना हो गया है तो वह उद्विग्नता से बोला, “इसका मतलब राशन की दूकान वाला मुझे लूट रहा है, अभी भी पुराने भाव से आटे का पैसा दे रहा है.”

(५)
ऑपरेशन के बाद होश में आने पर मरीज बोला, “डॉक्टर साहब, क्या मैं रोगमुक्त हो गया हूँ?”
उत्तर मिला, “बेटा, तेरा डॉक्टर तो नीचे धरती पर ही रह गया है. मैं चित्रगुप्त हूँ. तू रोग के साथ साथ सँसार के कष्टों से भी मुक्त हो चुका है.”
***

4 टिप्‍पणियां:

  1. सही व्यंग्य विनोद लाते हैं भाई साहब। अभिनव और ताज़े। हाँ जून १३ सेयहीं हूँ ,१४ नवंबर की फलाइट है मुम्बई के लिए। हेलोवीन पर विस्तार से लिखा है धारावाहिक हर पहलू से ,veerubhai 1947.blogspot पर उपलब्ध सभी ब्लॉगों पर उपलब्ध हैं। ओल्ड पोस्ट देखें

    उत्तर देंहटाएं
  2. खिलखिलाकर तो नहीं हंसा, मगर मुस्कुराया खूब .. साद्भुवाद भाई जी

    उत्तर देंहटाएं