शनिवार, 8 अक्टूबर 2011

चुहल - ६

                                (१)            
चुन्नीलाल की चप्पल इतनी घिस गयी थी और जगह जगह से टूट चुकी थी कि मोची ने कह दिया, “अब साहब इसकी मरम्मत नहीं हो सकती है.”

चुन्नीलाल बोले, “यार नेपोलियन ने कहा है कि असंभव शब्द को डिक्शनरी से निकाल दो.”

मोची ने चप्पल वापस करते हुए कहा, “तो आप नेपोलियन से ही ठीक करवा लीजिए.”
                              (२)                              
किसी सुधारक ने एक बोर्ड लिख कर टांग रखा था:
     धूम्रपान के तीन फायदे
[१]   आपके घर में चोरी नहीं होगी, क्योंकि आप रात भर खांसते रहेंगे.
[२]   आपको कुत्ता नहीं काटेगा, क्योंकि आप इतने कमजोर हो जायेंगे कि लाठी साथ मे रखनी पड़ेगी.
[३]   आपको बुढापा नहीं सताएगा, क्योंकि आप बुढापे तक पहुँच ही नहीं पायेगे.
                                (३)
अध्यापक ने क्लास में पूछा, “एक हवाई जहाज पूरब से पश्चिम को ५०० किलो मीटर प्रति घन्टे की रफ़्तार से जाये तो मेरी उम्र बताओ?”
एक लड़का झट से बोला, “सर आपकी उम्र ४० वर्ष है.”
अध्यापक ने आश्चर्य से कहा, “कमाल कर दिया. ये गणित तुमने कैसे लगाया?”
लडका बोला, “सर मेरा बड़ा भाई आधा पागल है, उसकी उम्र २० वर्ष है.”
                                 (४)
कक्षा में एक लड़की ने अध्यापक से शिकायत की कि "क्लास के लड़के मुझे ‘बुआ जी’ कह कर चिढाते है.”
गुरू जी गरम हो गए और लड़कों से बोले, “सब खड़े हो जाओ.”
पूरी क्लास के लड़के खड़े हो गए पर एक लड़का बैठा ही रहा. अध्यापक ने उससे कहा, “तू क्यों नहीं खडा हुआ?”
लडका बोला “सर, मैं फूफा जी हूँ.”
                                  (५)
एक शरारती लड़के दिनेश ने क्लास में अध्यापक से कहा, “मास्साब, कल आपके पिता जी मेरे सपने में आये थे. कह रहे थे कि मैं अपने बेटे से कह दूंगा कि तुमको पूरे सौ नम्बर देना.”
अध्यापक उसकी बात ताड़ गए. बोले, “वे मेरे सपने में भी आये थे और कह रहे थे कि दिनेश को फेल करना है.”
लड़का भर्राई आवाज में बोला, “बड़े कमीने है आपके पिताजी. मुझ से कुछ कहते है, और आपसे कुछ और.”
                                   ***

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